Saturday, March 23, 2019

आपका वोट आपका अधिकार !!!!
मुजफ्फरपुर में अबकी बार वोट सांसद के किये गए काम पर!!
ना की सिर्फ मोदी जी के नाम पर!!
व्यक्ति विशेष के नाम पर वोट देना मतलब लोकतंत्र की हत्या करना है।मतदान मुद्दों पर होना चाहिए।माना कि मोदी जी बहुत अच्छा काम कर रहे है।देश उनके हाथों में सुरक्षित है।लेकिन मुजफ्फरपुर से NDA का ये उम्मीदवार किसी भी कीमत पर नही चलेगा।सिर्फ मोदी जी के नाम पर राजनीति करने से कुछ नही होने वाला है।अब वो जमाना गया।कुछ तो काम करना होगा क्षेत्र में।या 5 साल गायब और चुनाव के समय प्रकट हो गए कि हमको जिताइये और मोदी जी को मजबूत बनाइये।इस झांसे में नही आना है इस बार।भाई लोग कुल 543 लोकसभा क्षेत्र है।272 बहुमत का आंकड़ा है।NDA कुल 543 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ रही है।1 सीट पर हार ही जाएगी तो पहाड़ नही टूट पड़ेगा।इसलिए इस झांसे में मत आइये की उम्मीदवार को मत देखिए मोदी जी को देखिए।बिल्कुल उम्मीदवार को देखिए इस बार।अगर आपकी अंतरात्मा आपको इज़ाज़त देती है कि इस उम्मीदवार को इस बार भी वोट दिया जाए तो दीजिये।लेकिन वोट देने से पहले एक बार विचार जरूर कर लीजिएगा की आखिर सांसद महोदय ने मुजफ्फरपुर के लिए किया क्या है ??
"मोदी जी मजबूत है और मजबूत ही रहेंगे"
Narendra Modi Amit Shah
पर इस बार मुजफ्फरपुर में सिर्फ मोदी जी के नाम पर वोट नही होना चाहिए बल्कि उम्मीदवार के काम पर वोट होना चाहिए।
क्या महागठबंधन के नेता तेजस्वी यादव को कन्हैया कुमार से डर लगता है?
इससे पहले माना जा रहा था कि महागठबंधन बेगूसराय सीट पर कन्हैया कुमार को मैदान में उतार सकती है या वो सीट उनके लिए छोड़ सकती है. हालांकि असल में ऐसा कुछ भी नहीं हुआ.

जब राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में 2015 के बिहार फॉर्मूले पर विपक्षी एकता की बात चल रही हो, ऐसे में प्रोयगशाला का ही ढह जाना नुकसानदेह साबित हो सकता है. महीनों तक विपक्षी कुनबे में जोर आजमाइश के बाद बिहार की 40 सीटों का आपसी बंटवारा हुआ लेकिन इसमें सीपीआई के लिए कोई जगह नहीं है. यानी नौ फरवरी, 2016 के बाद जो कन्हैया कुमार जेएनयू से बाहर निकल बेजीपी विरोधी दलों की एकता के औजार बने अब वही अकेले पड़ गए हैं.

सीपीआई नेता सीताराम येचुरी के साथ जंतर मंतर से लेकर ममता दीदी के मंच तक विपक्षी एकता का पाठ पढ़ाने वाले तेजस्वी ने आखिर इतना बड़ा फैसला क्यों किया ?  क्या तेजस्वी यादव को  प्रखर वक्ता और युवाओं के बीच पैठ बना रहे कन्हैया कुमार से डर लगने लगा है?

कन्हैया कुमार वो पहले नेता हैं जिनकी उम्मीदवारी घोषित की गई.  सीपीआई उन्हें बेगूसराय से उतारने की तैयारी कर रही है.  कन्हैया बिहार के वो पहले उम्मीदवार हैं जिन्होंने अपना चुनाव प्रचार शुरू किया.

माना जा रहा था कि वाम दल महागठबंधन के हिस्सा रहेंगे और बेगूसराय सीपीआई के खाते में आएगी लेकिन सीट बंटवारे में लेफ्ट पार्टियों को लेफ्ट कर दिया गया. सिर्फ भाकपा माले का एक उम्मीदवार लड़ेगा वी भी राजद के कोटे से.

जेएनयू विवाद के बाद पहली बार बिहार आये कन्हैया कुमार को तब बिहार के सभी गैरभाजपाई दिग्गजों ने हाथों हाथ लिया था. कन्हैया ने भी सभी मोदी विरोधी नेताओ के दरवाजे-दरवाजे जाकर मत्था टेका. नीतीश भी तब मोदी विरोध के झंडाबरदार थे.

कन्हैया ने नीतीश कुमार के पैर छूए तो उन्होंने भी बिहार का बेटा कहकर आशीर्वाद दिया. कन्हैया लालू के घर गए. उनका भी आशीर्वाद लिया. तब तेजस्वी ने भी बड़ी आत्मीयता से गले लगाया, बगल में बिठाया लेकिन अंदरूनी दूरी बनाए रखी.

ये तय है कि बेगूसराय में महागठबंधन और एनडीए की लड़ाई में सीपीआई के लिए किसी उम्मीद की गुंजाइश बहुत कम रहेगी

Friday, March 22, 2019

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण TRAI ने केबल टीवी यूज़र्स के लिए नए नियम जारी किये हैं। आपको बता दें कि इस DTH रेग्युलेशन के मुताबिक यूज़र्स को उसी चैनल देखने के पैसे देने होंगे जो वह देखते हैं। अब उन्हें किसी भी ऐसे चैनल के लिए भुगतान नहीं करना पड़ेगा जिन्हें वो नहीं देखते हैं या उनके द्वारा उस चैनल को सेलेक्ट नहीं किया गया है। इसके साथ ही हर चैनल के लिए फेयर प्राइसिंग मॉडल्स को भी लागू किया जाएगा। आपको बता दें कि Cable TV का नया नियम अगले महीने यानी 1 फरवरी से लागू हो जाएगा।
ट्राई ने यूज़र्स को अपना पसंदीदा टीवी चैनल चुनने के लिए 31 जनवरी का डेडलाइन दिया है। ऐसे में अगर आपको यह नहीं समझ आ रहा है कि आप किस तरह सस्ते और बेस्ट चैनल्स का चुनाव कर सकते हैं, तो आज हम आपको इसका समाधान बताएँगे। आपको हम बताने जा रहे हैं कि चुनाव के दौरान किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और आपके लिए क्या ज़रूरी है। 
चैनल का सिलेक्शन करने से पहले बेस पैक लेना हर यूज़र के लिए जरूरी होता है। इस बेस पैक में 100 नॉन-एचडी फ्री-टू-एयर चैनल्स फ्री में मिलेंगे। आपको बता दें कि इस बेस पैक को आप अधिकतम 130 रुपये में ले सकते हैं। साथ ही आपको टैक्स अलग से देना होगा।बेस पैक के अलावा आप अपनी पसंद के "पेड बुके चैनल्स" का चुनाव कर सकते हैं। इन सभी बुके पेड चैनल्स के लिए इंडिविजुअल मंथली किराया तय किया गया है।
अगर आप इन बुके चैनल्स को कॉम्बो में सब्सक्राइब करते हैं तो आपको डिस्काउंट भी दिया जायेगा। ये बुके चैनल्स भाषा और क्षेत्र के मुताबिक चुनें जा सकते हैं। आपको बता दें कि इन बुके चैनल्स को आप बेस पैक के साथ जोड़ सकते हैं। ख़ास बात यह है कि एक साथ 9 बुके चैनल्स को सब्सक्राइब करना आपके लिए फायदेमंद होगा क्योंकि यह किसी अकेले एक चैनल को सब्सक्राइब करने से सस्ता है।

अब चुनें अपना टीवी चैनल

बेस पैक या बुके पैक में अपनी पसंद का चैनल सेलेक्ट करना ज़रूरी है। आप अपने मंथली बजट के मुताबिक SD या HD चैनल ले सकते हैं। आपको बता दें कि कई ब्रॉडकास्टर्स के 535 Free to air चैनल्स और 330 paid channels रजिस्टर्ड हैं। ऐसे में आप इन चैनल्स के चुनाव से पहले यह तय कर लें कि आप कौन सा चैनल देखना चाहते हैं और उसके बाद आपके मंथली बजट में फिट होने वाले चैनल को चुनें।

Tuesday, January 26, 2010

Today I first start my day with as usual routine but a little bit earlier from my daily routine,because I have to watch the Parade of Rajpath on TV.I feel glad to see the strainght of Indian forces and become relax about the security of the country.
My heartiest best wishes to the forces that they are doing progress day by day.
We have to think about the current situation and what we can help to reduce the burden on the government that we became the civilised people and follow the rule and regulations.
Good night

Monday, January 25, 2010

REPUBLIC DAY CELEBRATION IN TODAYS RESPECTS

Hi,
Tommorow we are going to celebrate republic day.Most of us start our day as an usual day.celebrating this as a chance to get holiday.Enjoy whole day with family and friends and at night go to sleep as of our daily routine.From next day we are again in our routine life.
Is these are the things which our freedom fighters think ever as the celebration of REPUBLIC DAY ? Definetly not.But what we are doing as we are thinking just about ourselves inspite of nation and this is the cause that our nation is counted as the backward country.
Friends lets think a moment about our COUNTRY "INDIA" without any expectation.
Simple Funda
HUM SUDHEREGE DESH SUDHEREGA,HUM BADLENGE DESH BADLEGA,HUM AGE BADHENGE DESH AGE BADHEGA.
So lets start the change firstly from ourselves.
JAI HIND

Wednesday, February 11, 2009

Hi I am shashank.
I become the part of this new world today.I hope I will enjoy.